1. कृषि का महत्व कृषि इंसानी सभयता के लिए आवशयक जरुरी संसाधनों में से एक है. पुराने ज़माने से लेकर आज तक हमेशा इंसान ने अपनी जरुरत के हिसाब से खेती पे ध्यान दिया. बढ़ती सहरीकरण और औधोगिक क्रांति में तेजी के बाद से इंसानो का नजरिया बदला और जमीन काम होती गयी लेकिन साथ ही साथ इंसान की जरूरते बढ़ी गयी, जिसके फलस्वरूप अनाज की कमी का सामना करना पड़ा. ये आज भी ऐसे ही जारी है और आगे भी रहेगा, लेकिन इसके बावजूद बिज्ञान ने बहुत तरक्की कर लिया और इस कृषि मांग को पूरा करने के लिए कृषि वैज्ञानिकों ने अहम् भूमिका निभाया. कृषि योग्य जमीन की कमी और बढ़ती जनसँख्या के मांग को पूरा करने के लिए अनेको मुश्किलों का सामना करना पड़ा और उन सबमे एक मुश्किल सिंचाई भी है. हर एक साल बिहार के कई जिले सूखाग्रस्त घोसित होते है और जिसकी वजह से वो फैसले ज्यादा ख़राब हो जाती है जिनके लिए पानी की जयादा जरुरत है जैसे की धान, खीरा, मक्का , ज्वर, बाजरा इत्यादि. भूजल के बहुत ही उत्तम विकल्प है सिंचाई का जिसकी इस्तेमाल से हम सूखाग्रस्त इलाको में खेती की उपज को ठीक से बढ़ा सकते है. और इसके लिय सरकार हमेशा ...